ताज़ा ख़बरें

आओ जलाये गौकाष्ट कंडो की होली। गौकाष्ट से होगा होलिका दहन, बचेंगे गोवंश पेड और वन, ,,मुख्यमंत्री श्री यादव,,

खास खबर

आओ जलाये गौकाष्ट कंडो की होली। गौकाष्ट से होगा होलिका दहन, बचेंगे गोवंश
पेड और वन, ,,मुख्यमंत्री श्री यादव,,

जिले के सभी जनप्रतिनिधियों ने गौकाष्ट एवं कंडे की होली जलाने का किया अनुरोध।

खंडवा। सामाजिक समरसता एवं रंगों के इस भाईचारे की पवित्र त्यौहार होली को हम सभी धर्म और संस्कृति से जुड़े अध्यायों के रूप में उत्साह से मनाए। पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए होली का पर्व मनाए। समाजसेवी और प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि अंधाधुंध वनों की कटाई के कारण प्रकृति का संतुलन कहीं ना कहीं बिगड़ा है, हम सब का दायित्व है कि पर्यावरण प्रगति की सुरक्षा के लिए वृक्षो की रक्षा करे। होली के त्योहार पर बड़ी संख्या में जगह-जगह होली का दहन होता है लेकिन बड़ी तादाद में लकड़ीयों से होली जलने के कारण वनों की कमी होती है। पर्यावरण की रक्षा के लिए हम सब संकल्प लेते हुए गोबर के कंडो की होली जलाएं और लकड़ी को बचाएं। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आव्हान करते हुए कहा कि इस बार होली गौकाष्ट वाली हो, इस होली पर एक पर्यावरण अनुकूल कदम उठाएं, होली दहन पर लकड़ी की जगह गौकाष्ट एवं कंडो का उपयोग करें, लकड़ी जलाने से पेड़ों की कटाई बढ़ती है, जबकि गौ माता के गोबर से बने गौकाष्ट और कंडे प्राकृतिक शुद्ध सुरक्षित और पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प है, हम सब मिलकर हरियाली बचाए और स्वच्छ जिम्मेदारी वाली होली मनाए। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि सरकार द्वारा इस वर्ष हर जिले में पर्यावरण अनुकूल गौकाष्ट से होलिका दहन करने वाली समितियां को विशेष पर्यावरणीय होलिका दहन पुरस्कार से शासन प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा। होली पर्व की शुभकामना देते हुए सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा की पर्यावरण संरक्षण और गोरक्षण के लिए गौकाष्ठ, कंडों का उपयोग जरूरी है, होली पर हजारों क्विंटल लकड़ी का उपयोग होता है इसके लिए पेड़ों को बड़ी संख्या में काटा जाता है, लकड़ी की जगह हमें वैदिक रूप से गोबर के कंडों का उपयोग करना शुरू करें तो पर्यावरण भी संरक्षित होगा गोबर के कंडो के दहन से पर्यावरण भी शुद्ध होगा। लोगों ने दाह संस्कार में भी कंडो का उपयोग करना चाहिए हमे पेड़ो को अनावश्यक नही काटना चाहिए। होलीका दहन में सुखी और पेड़ो से गिरी हुई लकडियों को ही जलाना चाहिए।
जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी वानखेडे, खंडवा महापौर अमृता अमर यादव,विधायक मंत्री और विजय शाह, कंचन मुकेश तनवे, नारायण पटेल, छाया मोरै ने सभी जिले एवं प्रदेश वासीयो को होली की शुभकामना देते हुए कहा कि पर्यावरण एवं प्रगति की रक्षा के लिए इस बार लकडी की जगह गोबर के गोकाष्ट, कंडो का उपयोग करते हुए होलिका दहन करें। इस प्रकार की होली जलाने का आव्हान सभी से करें। मुख्यमंत्री श्री यादव जी ने भी आव्हान किया है कि,गौकाष्ट से होगा होलिका दहन, बचेंगे गोवंश, पेड़ और वन,, इससे हम गोमाता और गोवंश को संरक्षण भी दिलायेंगे। समाज सेवी सुनील जैन ने बताया कि होली का दहन में बडे पैमाने पर जंगल कटने के साथ हरे भरे पेडो की बली चढाई जा रही है। हमे इसे रोकने की शुरूआत करना होगी। ताकी भविष्य में ऑक्सीजन की कमी ना हो।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!